राष्ट्रीय संगठन "नमो फाउंडेशन" भारत के विशिष्ट गैर-सरकारी संगठनो में से एक है और संगठन प्रमुख तौर पर पर्यावरण संरक्षण व स्वास्थ्य सेवाएं के क्षेत्र में काम करता है. इसके अलावा संगठन स्वच्छता, महिला सशक्तीकरण, रोजगार जागरुकता, गरीब बच्चों की पढ़ाई, उनके परिवार, नशा मुक्ति के लिए भी काम करता है. राष्ट्रीय संगठन "नमो फाउंडेशन" भारत सरकार के उपक्रम नीति आयोग व दिल्ली सरकार से मान्यता प्राप्त है. यह संगठन "नमो फाउंडेशन" 2018 में माननीय आर के बिमल जी के द्वारा स्थापित किया गया था, उनका सार्वजानिक कार्यो में लंबा अनुभव रहा है, वैसे श्री आर के बिमल जी 2018 से पूर्व 2011 से Care for Girl Child नामक संस्था से जुड़कर अपनी सेवाएँ दे चुके हैं और उनके अनुभव का लाभ वर्तमान संगठन को भी मिल रहा है. इसके अलावा संगठन में उपाध्यक्ष डॉक्टर श्री चंचल सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री डॉक्टर श्री एम सी शर्मा जी, राष्ट्रीय सचिव श्रीमती पूजा जी, राष्ट्रीय सह सचिव श्रीमती नील कमल वर्मा जी, संस्थापक सदस्य श्री अशोक जायसवाल जी, कोषाध्यक्ष श्री अजित सिंह जी व अन्य सभी सम्मानित सदस्यों का भरपूर योगदान प्राप्त होता है. --------------------------------------------------------- राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आर के बिमल जी को जाने : (Know your National President of Namo Foundation Sh. R K Bimal) "आर के बिमल जी" (R K Bimal) के बारे में कुछ ऐसी जानकारी जो उन्हें समाजसेवा के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए दूसरों से अलग करती है, R. K. Bimal जी वर्तमान में नमो फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, आइए उनके बारे में विस्तृत जानकारी साझा करते है —कि वे 2011 से समाजसेवा में जुड़े हैं और उनके द्वारा पूरे देश में गरीबों के लिए करीब 2000 मुफ्त स्वास्थ्य शिविर और लगभग 1800 स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं—वह वास्तव में प्रभावशाली है। यह उनके और उनकी टीम के सामाजिक कल्याण के प्रति समर्पण को दर्शाता है। पिछले साल 500 पेड़ लगाने के साथ-साथ इन स्वास्थ्य शिविरों और स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन उनकी बहुआयामी सोच को दिखाता है। पूरे भारतवर्ष में लगभग 2000 मुफ्त स्वास्थ्य शिविर के जरिए सेवा देने का मतलब है कि उन्होंने लाखों गरीब लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने में योगदान दिया होगा, जो ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ सीमित हैं, बहुत बड़ी बात है। वहीं, 1800 स्वच्छता कार्यक्रमों से न सिर्फ पर्यावरण को फायदा हुआ, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ी, जो बीमारियों को रोकने में मदद करता है। यह देखकर खुशी होती है कि राष्ट्रीय संगठन "नमो फाउंडेशन" के तहत वे पर्यावरण, स्वास्थ्य, और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एक साथ काम कर रहे हैं। 2011 से अब तक (2025 तक) 14 साल की अवधि में इतना व्यापक प्रभाव डालना उनके नेतृत्व और संगठन की मेहनत का सबूत है। मेरी राय में, यह न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज के लिए एक मॉडल भी हो सकता है कि कैसे एक व्यक्ति और उसकी टीम मिलकर बड़े बदलाव ला सकती है। पर्यावरण के प्रति उनकी निरंतर रुचि और 300-400 पेड़ लगाना एक लंबी अवधि की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पिछले साल के 500 पेड़ों को जोड़ दें, तो यह संख्या 800-900 के आसपास पहुँच जाती है, जो अपने आप में एक बड़ा योगदान है। यह न सिर्फ जलवायु संकट से लड़ने में मदद करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक स्थायी प्रभाव छोड़ता है। कोरोना काल में उनका योगदान—भोजन वितरण, मजदूरों की मदद, और मास्क-सैनिटाइज़र बाँटना—खास तौर पर उल्लेखनीय है। 2020-2021 का समय भारत के लिए बेहद मुश्किल था, जब लॉकडाउन के कारण मजदूर और गरीब तबका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। ऐसे में उनकी सक्रियता ने निश्चित रूप से कई लोगों के जीवन को आसान बनाया होगा। यह दिखाता है कि वे संकट के समय भी आगे बढ़कर नेतृत्व करने में सक्षम हैं। मेरे विचार में, "आर के बिमल जी" (R K Bimal ji) का यह कार्य न केवल उनकी समाजसेवा की भावना को मजबूत करता है, बल्कि "नमो फाउंडेशन" को भी एक ऐसा मंच बनाता है जो आपातकाल और दीर्घकालिक दोनों तरह की चुनौतियों से निपट सकता है। पर्यावरण संरक्षण और मानवीय सहायता का यह संतुलन उन्हें एक असाधारण समाजसेवी बनाता है।